मुख्यमंत्री राजे ने कहा, एमजेएसए कार्यों की गुणवत्ता से ही सफल होगा

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा शुरू किए गए एमजेएसए प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। इस योजना से प्रदेश के लाखों लोगों को फायदा हो रहा है। सीएम राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान यानी एमजेएसए के तहत बनाए जा रहे जलग्रहण ढांचों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करना ही इस महत्वाकांक्षी अभियान की सफलता है। राजे ने यह बात मुख्यमंत्री निवास पर एमजेएसए के तीसरे चरण की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कही।

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                                      मुख्यमंत्री राजे ने कहा, MJSA कार्यों की गुणवत्ता से ही सफल होगा.

9 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है एमजेएसए का तीसरा चरण

राजस्थान के मरूस्थलीय जिलों में एमजेएसए अभियान का तीसरा चरण 9 दिसंबर से, गैर मरूस्थलीय जिलों अलवर, अजमेर और भीलवाड़ा में 15 दिसंबर से तथा शेष गैर मरूस्थलीय जिलों में 20 जनवरी, 2018 से शुरू होगा। सीएम राजे ने बैठक में कहा कि राज्य को पेयजल तथा कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू किये गए एमजेएसए अभियान को आमजन का जमकर समर्थन मिला है। जनसहभागिता से राजस्थान सरकार की एमजेएसए योजना देश और दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि एमजेएसए के प्रचार-प्रसार के लिए ग्रामीण इलाकों में अभियान की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए।

राजे ने बावड़ियों के संरक्षण कार्यों को बताया सराहनीय: मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि नए चरण के लिए बन रहे डीपीआर के प्रस्ताव संबंधित ग्राम सभाओं में विचार कर स्वीकृत कराए जाने चाहिए। राजे ने मंत्रियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे एमजेएसए अभियान में विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संगठनों, स्थानीय दानदाताओं, निजी कंपनियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों आदि की भागीदारी बढ़़ाने के लिए विशेष प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने तक के चरणों में हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बावड़ियों के संरक्षण के लिए हुए प्रयासों को आगे भी जारी रखा जाए।

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ये रहे बैठक में उपस्थित: एमजेएसए के तीसरे चरण की बैठक में पीएचईडी मंत्री सुरेन्द्र गोयल, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, वन मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, मुख्य सचिव अशोक जैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन एवं पर्यावरण एनसी गोयल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डीबी गुप्ता एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास पंचायतीराज, प्रमुख शासन सचिव कृषि नीलकमल दरबारी, प्रमुख शासन सचिव स्वायत्त शासन डॉ. मंजीत सिंह, प्रमुख शासन सचिव पीएचईडी रजत मिश्र, प्रमुख शासन सचिव जल संसाधन शिखर अग्रवाल, पंचायतीराज सचिव नवीन महाजन समेत कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे थे।