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देश में स्मार्ट सिटी का कान्सेप्ट आर्थिक मंदी के दौर में सामने आया। स्मार्ट सिटी की खास बात होती है बिना किसी रुकावट के जीवन। भारत सरकार देश के महानगरों और बड़े शहरों में लोगों के जीवन स्तर को सुधारना और बेहतर बनाने के लिए पिछले चार तीन सालों से प्रयासरत है। केंद्र की मोदी सरकार तीन सुचियों में देश के 90 शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए नामांकित कर चुकी है।  हाल ही में शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत चयनित शहरों की चौथी लिस्ट जारी की है। पिछली तीन सूचियों में राजस्थान के तीन शहरों को शामिल किया गया है। जिनमें राजधानी जयपुर, झीलों की नगरी उदयपुर और अजमेर को शामिल किया गया है।

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18 राज्यों के 30 शहरों के नाम का हुआ ऐलान

मोदी सरकार में शहरी विकास मंत्री वैंकया नायडू ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत चौथी और अंतिम लिस्ट जारी कर दी है। इस सुची में देश के 18 राज्यों के 30 शहरों को शामिल किया गया है। इस लिस्ट में तमिलनाडु राज्य के 4 शहरों का नाम है इसके बाद गुजरात और उत्तरप्रदेश के तीन तीन शहरों को स्मार्ट शहरों की लिस्ट में शामिल किया गया है।

ये है तीस शहरों की लिस्ट

राजकोट, दाहोद, गांधीनगर, इलाहाबाद, अलीगढ़, झांसी, पटना, मुजफ्फरपुर, सागर, सतना, नया रायपुर

बिलासपुर, जम्मू, श्रीनगर, पिंपरी चिंचवाड़, अमरावती, तिरुचिरापल्ली, थूथुकुड़ी, तिरुनेलवेली, तिरुपुर

करनाल, तिरुवंतपुरम, शिमला, देहरादून, बेंगलुरु, करीमनगर, पासीघाट, गंगटोक, आइजोल और पुड्डुचेरी ।

देश के 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के तहत किया जाएगा विकसित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2015 में शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए इस मिशन की शुरूआत की थी। इस मिशन के तहत देश के 100 शहरों को स्मार्ट शहरों के रूप में विकसित किया जाना है। जनवरी 2016 से लेकर अब तक केंद्र सरकार 90 स्मार्ट सिटी के नामों का एलान किया है। पहली सूची में 20 दुसरी लिस्ट में 13 और तीसरे फेज में 30 शहरों को नामांकित किया गया था जिन्हे स्मार्ट शहरों के रुप में तब्दील किया जाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट में की थी घोषणा

स्मार्ट सिटी बनाने के लिए मोदी सरकार के पहले बजट में घोषणा की गई थी। इसके लिए 57393 करोड़ रुपए का फंड रखा गया है। तय किए गए प्रोजेक्ट लागू करने के लिए केंद्र सरकार हर एक स्मार्ट सिटी को 5 साल में 500-500 करोड़ रुपए देगी।